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mahabharat 8.72.12-13h: हे राजन! अनेक नर पक्षी युद्ध के लिए उत्सुक होकर आनन्दपूर्वक चहचहा रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 8.72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  8.72.12-13h 
बहव: पक्षिणो राजन् पुन्नामान: शुभा: शिवा:॥ १२॥
त्वरयन्तोऽर्जुनं युद्धे हृष्टरूपा ववाशिरे।
 
 
अनुवाद
हे राजन! अनेक नर पक्षी युद्ध के लिए उत्सुक होकर आनन्दपूर्वक चहचहा रहे थे।
 
O King! Many male birds were chirping joyfully, impatiently eager for the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)