Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.72.11-12h: राजन! सब ओर से सारी दिशाएँ स्पष्ट हो गई थीं। नरेश्वर! नीलकंठ, सारस और करुण पक्षी पाण्डुनंदन अर्जुन को अपने दाहिनी ओर रखकर चलने लगे। 11 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! सब ओर से सारी दिशाएँ स्पष्ट हो गई थीं। नरेश्वर! नीलकंठ, सारस और करुण पक्षी पाण्डुनंदन अर्जुन को अपने दाहिनी ओर रखकर चलने लगे। 11 1/2॥
Rajan! All directions had become clear from all sides. Nareshwar! Neelkanth, stork and crouch birds started going keeping Pandu Nandan Arjun on his right. 11 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥