श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.71.7 
स त्वं धर्मभृतां श्रेष्ठं राजानं धर्मसंहितम्।
प्रसादय कुरुश्रेष्ठमेतदत्र मतं मम॥ ७॥
 
 
अनुवाद
अतः इस विषय में मेरी यही राय है कि आप पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ, कौरवों, राजा युधिष्ठिर को प्रसन्न करें॥7॥
 
Therefore my opinion in this matter is that you should please Kurus, the best king Yudhishthir, the best among the virtuous souls. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)