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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद
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श्लोक 34
श्लोक
8.71.34
धनंजय महाबाहो मानितोऽस्मि दृढं त्वया।
माहात्म्यं विजयं चैव भूय: प्राप्नुहि शाश्वतम्॥ ३४॥
अनुवाद
महाबाहु धनंजय! तुमने मेरा बहुत सम्मान किया है; तुम्हारी कीर्ति बढ़े और तुम पुनः अनन्त विजय प्राप्त करो॥ 34॥
Mahabahu Dhananjaya! You have honoured me greatly; may your glory increase and may you once again attain eternal victory.'॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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