श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद  »  श्लोक 26-27
 
 
श्लोक  8.71.26-27 
भूयश्चोवाच मतिमान् माधवो धर्मनन्दनम्॥ २६॥
युधिष्ठिरेमं बीभत्सुं त्वं सान्त्वयितुमर्हसि।
अनुज्ञातुं च कर्णस्य वधायाद्य दुरात्मन:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तब बुद्धिमान भगवान माधव ने धर्मनन्दन युधिष्ठिर से इस प्रकार कहा - 'महाराज! आप अर्जुन को सान्त्वना दीजिए और दुष्टात्मा कर्ण को मारने की अनुमति दीजिए।
 
Then the wise Lord Madhava said to Dharmanandan Yudhishthira thus – 'Maharaj! You console Arjun and give permission to kill the evil soul Karna.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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