Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.71.16-17h: तत्पश्चात् अत्यन्त प्रसन्न होकर तथा बारम्बार मुस्कुराते हुए पाण्डुकुमार धर्मराज युधिष्ठिर ने महाधनुर्धर धनंजय को बड़े प्रेम से गले लगाया, उसका सिर सूँघा और उससे इस प्रकार कहा - 16 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् अत्यन्त प्रसन्न होकर तथा बारम्बार मुस्कुराते हुए पाण्डुकुमार धर्मराज युधिष्ठिर ने महाधनुर्धर धनंजय को बड़े प्रेम से गले लगाया, उसका सिर सूँघा और उससे इस प्रकार कहा - 16 1/2॥
Thereafter, becoming extremely happy and smiling again and again, Pandukumar Dharamraj Yudhishthir hugged the great archer Dhananjay very lovingly, smelled his head and said to him thus - 16 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥