Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.71.15: महाराज! वे दोनों परम बलवान भाई बहुत देर तक रोते रहे। इससे उनके मन का मैल धुल गया और दोनों भाई परस्पर प्रेम से भर गए॥15॥ | mahabharat अध्याय 8.71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रुदित्वा सुचिरं कालं भ्रातरौ सुमहाद्युती।
कृतशौचौ महाराज प्रीतिमन्तौ बभूवतु:॥ १५॥
अनुवाद
महाराज! वे दोनों परम बलवान भाई बहुत देर तक रोते रहे। इससे उनके मन का मैल धुल गया और दोनों भाई परस्पर प्रेम से भर गए॥15॥
Maharaj! Both those very powerful brothers kept crying for a long time. This washed away the dirt from their minds and both the brothers were filled with love for each other. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥