Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.71.13-14: भरतश्रेष्ठ! धर्मराज युधिष्ठिर ने शत्रुसूदन और उसके भाई धनंजय को अपने चरणों में रोते हुए देखा और बड़े स्नेह से उन्हें उठाकर हृदय से लगा लिया। तब राजा धर्मराज भी अत्यन्त विलाप करने लगे॥13-14॥ | mahabharat अध्याय 8.71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतश्रेष्ठ! धर्मराज युधिष्ठिर ने शत्रुसूदन और उसके भाई धनंजय को अपने चरणों में रोते हुए देखा और बड़े स्नेह से उन्हें उठाकर हृदय से लगा लिया। तब राजा धर्मराज भी अत्यन्त विलाप करने लगे॥13-14॥
Best of the Bharatas! Dharmaraja Yudhishthira saw Shatrusudan and his brother Dhananjay crying at his feet and with great affection picked them up and embraced them. Then King Dharmaraja also started crying profusely.॥ 13-14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥