भगवान श्रीकृष्ण के ये वचन सुनकर धर्मराज युधिष्ठिर ने शीघ्रता से अपने चरणों में लेटे हुए हृषिकेश को उठाया और हाथ जोड़कर इस प्रकार कहा -
On hearing these words of Lord Krishna, Dharmaraja Yudhishthira swiftly picked up Hrishikesh who was lying at his feet and with folded hands said this -
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥