श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 70: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रतिज्ञा-भंग, भ्रातृवध तथा आत्मघातसे बचाना और युधिष्ठिरको सान्त्वना देकर संतुष्ट करना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  8.70.46 
योग्यो राजा भीमसेनो महात्मा
क्लीबस्य वा मम किं राज्यकृत्यम्।
न चापि शक्त: परुषाणि सोढुं
पुनस्तवेमानि रुषान्वितस्य॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
महाहृदयी भीमसेन ही योग्य राजा होंगे। मुझ कायर को राज्य लेने से क्या लाभ? अब मुझमें इतनी शक्ति नहीं कि मैं आपके क्रोधपूर्वक कहे गए इन कठोर वचनों को सहन कर सकूँ ॥ 46॥
 
The great-hearted Bhimasena will be a suitable king. What is the use of me, a coward, taking the kingdom? Now I do not have the strength to bear these harsh words spoken by you in anger. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)