याम्येष भीमं समरात् प्रमोक्तुं
सर्वात्मना सूतपुत्रं च हन्तुम्।
तव प्रियार्थं मम जीवितं हि
ब्रवीमि सत्यं तदवेहि राजन्॥ ४१॥
अनुवाद
हे राजन! अब मैं भीमसेन को युद्ध से छुड़ाकर सारथिपुत्र कर्ण का हर प्रकार से वध करने जा रहा हूँ। मेरा जीवन केवल आपके लिए है। मैं यह सत्य कह रहा हूँ। कृपया इसे अच्छी तरह समझ लीजिए।॥ 41॥
‘O King! I am going now to free Bhimasena from the battle and kill the son of a charioteer, Karna, in every way possible. My life is only for your sake. I am saying this truthfully. Please understand this well.’॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥