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mahabharat 8.70.19: हमारे द्वारा मारी गई शत्रु सेना कटी हुई देहों से भूमि पर पड़ी कराह रही है। तुमने ऐसा क्रूर कार्य किया है कि इससे न केवल तुम्हें पाप लगेगा, अपितु कौरव कुल का भी नाश हो जाएगा॥19॥   |   mahabharat अध्याय 8.70: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रतिज्ञा-भंग, भ्रातृवध तथा आत्मघातसे बचाना और युधिष्ठिरको सान्त्वना देकर संतुष्ट करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 70: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रतिज्ञा-भंग, भ्रातृवध तथा आत्मघातसे बचाना और युधिष्ठिरको सान्त्वना देकर संतुष्ट करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  8.70.19 
शेतेऽस्माभिर्निहता शत्रुसेना
छिन्नैर्गात्रैर्भूमितले नदन्ती।
त्वया हि तत् कर्म कृतं नृशंसं
यस्माद् दोष:कौरवाणां वधश्च॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हमारे द्वारा मारी गई शत्रु सेना कटी हुई देहों से भूमि पर पड़ी कराह रही है। तुमने ऐसा क्रूर कार्य किया है कि इससे न केवल तुम्हें पाप लगेगा, अपितु कौरव कुल का भी नाश हो जाएगा॥19॥
 
The enemy army killed by us is lying on the ground with their bodies cut off and groaning. You have committed such a cruel act that not only will you commit a sin but the Kaurava clan will also be destroyed.॥19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)