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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 7: कौरवपक्षके जीवित योद्धाओंका वर्णन और धृतराष्ट्रकी मूर्च्छा  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.7.2 
तौ हि वीरौ महेष्वासौ मदर्थे कुरुसत्तमौ।
भीष्मद्रोणौ हतौ श्रुत्वा नार्थो वै जीवितेऽसति॥ २॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर कि मेरे कारण भीष्म और द्रोणाचार्य नामक दो महान धनुर्धर मारे गए, इस नीच जीवन को जारी रखने का कोई अर्थ नहीं है ॥2॥
 
Having heard that the two great archers, Bhishma and Dronacharya, were killed for my sake, there is no point in continuing this wretched life. ॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)