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mahabharat 8.7.19-20h: जो प्रत्येक युद्ध में शत्रुओं का संहार करने वाला, अपने को वीर योद्धा मानने वाला, जुआरियों का नेता तथा रथ, घोड़े, हाथी और पैदल सेना की चतुरंगिणी सेना लेकर चलने वाला राजकुमार तुम्हारे लिए युद्ध करने के लिए तैयार खड़ा है॥191/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.7: कौरवपक्षके जीवित योद्धाओंका वर्णन और धृतराष्ट्रकी मूर्च्छा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 7: कौरवपक्षके जीवित योद्धाओंका वर्णन और धृतराष्ट्रकी मूर्च्छा  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  8.7.19-20h 
कैतव्यानामधिप: शूरमानी
रणे रणे शत्रुहा राजपुत्र:॥ १९॥
रथी हयी नागपत्तिप्रयायी
व्यवस्थितो योद्धुकामस्त्वदर्थे।
 
 
अनुवाद
जो प्रत्येक युद्ध में शत्रुओं का संहार करने वाला, अपने को वीर योद्धा मानने वाला, जुआरियों का नेता तथा रथ, घोड़े, हाथी और पैदल सेना की चतुरंगिणी सेना लेकर चलने वाला राजकुमार तुम्हारे लिए युद्ध करने के लिए तैयार खड़ा है॥191/2॥
 
A prince who kills his enemies in every battle and considers himself a valiant warrior, who is the leader of the gamblers and travels with a four-fold army of chariots, horses, elephants and infantry, is standing ready to fight for you.॥ 191/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)