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mahabharat 8.7.11: अपनी सेना तथा सिंधी, पहाड़ी, नदी, काबुली और वन प्रदेश से आए हुए उत्तम नस्ल के घोड़ों के साथ गांधार नरेश शकुनि आपके लिए युद्ध करने को तैयार है।   |   mahabharat अध्याय 8.7: कौरवपक्षके जीवित योद्धाओंका वर्णन और धृतराष्ट्रकी मूर्च्छा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 7: कौरवपक्षके जीवित योद्धाओंका वर्णन और धृतराष्ट्रकी मूर्च्छा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  8.7.11 
आजानेयै: सैन्धवै: पर्वतीयै-
र्नदीजकाम्बोजवनायुजैश्च।
गान्धारराज: स्वबलेन युक्तो
व्यवस्थितो योद्धुकामस्त्वदर्थे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
अपनी सेना तथा सिंधी, पहाड़ी, नदी, काबुली और वन प्रदेश से आए हुए उत्तम नस्ल के घोड़ों के साथ गांधार नरेश शकुनि आपके लिए युद्ध करने को तैयार है।
 
With his army and a large number of horses of good breed from Sindhi, hill, river, Kabuli and forest region, Gandhara king Shakuni is ready to fight for you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)