Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.69.82: आप, भीमसेन, नकुल-सहदेव तथा अन्य ज्येष्ठ एवं वीर योद्धाओं ने संसार में सदैव राजा युधिष्ठिर का आदर किया है; किन्तु इस समय आप उनका थोड़ा अपमान कर रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  8.69.82 
सम्मानित: पार्थिवोऽयं सदैव
त्वया च भीमेन तथा यमाभ्याम्।
वृद्धैश्च लोके पुरुषैश्च शूरै-
स्तस्यापमानं कलया प्रयुङ्क्ष्व॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
आप, भीमसेन, नकुल-सहदेव तथा अन्य ज्येष्ठ एवं वीर योद्धाओं ने संसार में सदैव राजा युधिष्ठिर का आदर किया है; किन्तु इस समय आप उनका थोड़ा अपमान कर रहे हैं।
 
You, Bhimasena, Nakula-Sahadeva and other elders and valiant warriors have always respected King Yudhishthira in the world; but at this time, you insult him a little.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)