Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.69.79: कर्ण सदैव युद्ध के लिए तत्पर रहता है और शत्रुओं के लिए असहनीय है। आज युद्धभूमि में हार-जीत का निर्णय कर्ण पर निर्भर है। यदि कर्ण मारा गया, तो अन्य कौरव शीघ्र ही पराजित हो सकते हैं। धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर के मन में ऐसे विचार चल रहे थे। | mahabharat अध्याय 8.69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्ण सदैव युद्ध के लिए तत्पर रहता है और शत्रुओं के लिए असहनीय है। आज युद्धभूमि में हार-जीत का निर्णय कर्ण पर निर्भर है। यदि कर्ण मारा गया, तो अन्य कौरव शीघ्र ही पराजित हो सकते हैं। धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर के मन में ऐसे विचार चल रहे थे।
Karna is always ready for war and is unbearable for the enemies. Today the decision to win or lose on the battlefield depends on Karna. If Karna is killed, the other Kauravas may soon be defeated. Such thoughts were running in the mind of Dharmaputra King Yudhishthira.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥