Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.69.75: हे पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ श्रीकृष्ण! कृपा करके मुझे कुछ ऐसा उपदेश दीजिए जिससे संसार के लोगों की समझ में मेरी प्रतिज्ञा सत्य सिद्ध हो सके और पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर और मैं दोनों जीवित रह सकें ॥ 75॥   |   mahabharat अध्याय 8.69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  8.69.75 
यथा प्रतिज्ञा मम लोकबुद्धौ
भवेत् सत्या धर्मभृतां वरिष्ठ।
यथा जीवेत् पाण्डवोऽहं च कृष्ण
तथा बुद्धं दातुमप्यर्हसि त्वम्॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
हे पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ श्रीकृष्ण! कृपा करके मुझे कुछ ऐसा उपदेश दीजिए जिससे संसार के लोगों की समझ में मेरी प्रतिज्ञा सत्य सिद्ध हो सके और पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर और मैं दोनों जीवित रह सकें ॥ 75॥
 
O best of the virtuous, Sri Krishna! Kindly give me some advice so that my vow can be proved true in the understanding of the people of the world and so that the son of Pandu, King Yudhishthira and I can both stay alive. ॥ 75॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)