Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.69.74: केशव! यदि मैं युधिष्ठिर का वध कर दूँ, तो इस संसार में क्षण भर भी जीवित नहीं रह सकूँगा। यदि मैं किसी प्रकार अपने पापों से छूट भी जाऊँ, तो भी राजा युधिष्ठिर के वध का विचार करके जीवित नहीं रह सकूँगा। निश्चय ही इस समय मैं मोहग्रस्त, शक्तिहीन और अचेत हो गया हूँ ॥ 74॥ | mahabharat अध्याय 8.69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
केशव! यदि मैं युधिष्ठिर का वध कर दूँ, तो इस संसार में क्षण भर भी जीवित नहीं रह सकूँगा। यदि मैं किसी प्रकार अपने पापों से छूट भी जाऊँ, तो भी राजा युधिष्ठिर के वध का विचार करके जीवित नहीं रह सकूँगा। निश्चय ही इस समय मैं मोहग्रस्त, शक्तिहीन और अचेत हो गया हूँ ॥ 74॥
Keshav! If I kill Yudhishthira, I cannot live even for a short time in this world. Even if I somehow escape from my sins, I cannot live thinking about the killing of King Yudhishthira. Certainly, at this moment I have become bewildered, powerless and unconscious. ॥ 74॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥