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mahabharat 8.69.7-8h: पार्थ! तुम इतनी अधीरता से हाथ में विशाल तलवार क्यों ले रहे हो? हे अद्भुत वीर! मैं तुमसे पूछता हूँ, बताओ, इस समय तुम्हें क्या इच्छा हुई है कि तुम इतने क्रोधित होकर तलवार उठा रहे हो?॥7 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  8.69.7-8h 
कस्माद् भवान् महाखड्गं परिगृह्णाति सत्वर:।
तत् त्वां पृच्छामि कौन्तेय किमिदं ते चिकीर्षितम्॥ ७॥
परामृशसि यत् क्रुद्ध: खड्गमद्भुतविक्रम।
 
 
अनुवाद
पार्थ! तुम इतनी अधीरता से हाथ में विशाल तलवार क्यों ले रहे हो? हे अद्भुत वीर! मैं तुमसे पूछता हूँ, बताओ, इस समय तुम्हें क्या इच्छा हुई है कि तुम इतने क्रोधित होकर तलवार उठा रहे हो?॥7 1/2॥
 
‘Parth! Why are you so impatiently taking the huge sword in your hand? O wonderful valiant warrior! I ask you, tell me, what have you desired to do at this moment, that you are so enraged that you are taking up the sword?’॥ 7 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)