Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.69.57: सिद्धान्त यह है कि जिस कर्म में हिंसा न हो, वह धर्म है। महर्षियों ने जीवों की हिंसा रोकने के लिए उत्तम धर्म का उपदेश किया है ॥57॥ | mahabharat अध्याय 8.69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत् स्यादहिंसासंयुक्तं स धर्म इति निश्चय:।
अहिंसार्थाय भूतानां धर्मप्रवचनं कृतम्॥ ५७॥
अनुवाद
सिद्धान्त यह है कि जिस कर्म में हिंसा न हो, वह धर्म है। महर्षियों ने जीवों की हिंसा रोकने के लिए उत्तम धर्म का उपदेश किया है ॥57॥
The principle is that the work which does not involve violence is Dharma. Maharishis have preached the best Dharma to prevent violence against living beings. ॥ 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥