श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  8.69.49-50h 
अथ कौशिकमभ्येत्य प्राहुस्ते सत्यवादिनम्।
कतमेन पथा याता भगवन् बहवो जना:॥ ४९॥
सत्येन पृष्ट: प्रब्रूहि यदि तान् वेत्थ शंस न:।
 
 
अनुवाद
वह सत्यवादी कौशिक मुनि के पास आया और पूछा, 'भगवन्! यहाँ जो बहुत से लोग आए हैं, वे किस मार्ग से गए हैं? मैं सत्य को साक्षी मानकर आपसे पूछ रहा हूँ। यदि आप उन्हें जानते हैं, तो कृपा करके मुझे बताइए।'॥49 1/2॥
 
He came to the truthful Kaushik Muni and asked, 'Lord! By which route did many people who have come here go? I am asking you with the truth as my witness. If you know them, please tell me.'॥ 49 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)