श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  8.69.45 
तद्धत्वा सर्वभूतानामभावकृतनिश्चयम्।
ततो बलाक: स्वरगादेवं धर्म: सुदुर्विद:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
जो सम्पूर्ण प्राणियों का नाश करने पर तुला हुआ था, उस पशु को मारकर बलाक स्वर्गलोक को गया; अतः धर्म का स्वरूप जानना अत्यन्त कठिन है ॥ 45॥
 
Having killed that animal, who was determined to destroy all creatures, Balaka went to heaven; hence the nature of Dharma is extremely difficult to know. ॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)