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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  8.69.40 
वृद्धौ च मातापितरौ बिभर्त्यन्यांश्च संश्रितान्।
स्वधर्मनिरतो नित्यं सत्यवागनसूयक:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
वे अपने वृद्ध माता-पिता और अन्य आश्रितों की देखभाल करते थे। वे सदैव अपने धर्म के प्रति समर्पित रहते थे, सत्य बोलते थे और कभी किसी की निन्दा नहीं करते थे।
 
He used to take care of his old parents and other dependents. He always remained devoted to his religion, spoke the truth and never criticized anyone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)