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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना
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श्लोक 4
श्लोक
8.69.4
अपयातोऽसि कौन्तेय राजा द्रष्टव्य इत्यपि।
स राजा भवता दृष्ट: कुशली च युधिष्ठिर:॥ ४॥
अनुवाद
कुन्तीनन्दन! आप यह सोचकर युद्ध से निकले थे कि राजा युधिष्ठिर को देखना चाहिए। अतः आपने राजा को देखा। राजा युधिष्ठिर सब प्रकार से सुरक्षित हैं॥4॥
Kuntinandan! You had left the battle thinking that you should see King Yudhishthira. So you saw the king. King Yudhishthira is safe in every way.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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