श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  8.69.38 
अर्जुन उवाच
आचक्ष्व भगवन्नेतद् यथा विन्दाम्यहं तथा।
बलाकस्यानुसम्बन्धं नदीनां कौशिकस्य च॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन बोले - हे प्रभु! आप मुझे बालक नामक शिकारी और नदियों के संगम पर रहने वाले कौशिक ऋषि की कथा सुनाने की कृपा करें, जिससे मैं इस विषय को अच्छी तरह समझ सकूँ।
 
Arjun said - O Lord! Please tell me the story of the hunter named Balak and the sage Kaushik who lived at the confluence of the rivers, so that I can understand this matter well.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)