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न हि पश्यामि योद्धव्यं त्वया किञ्चिद् धनंजय।
ते ग्रस्ता धार्तराष्ट्रा हि भीमसेनेन धीमता॥ ३॥
अनुवाद
धनंजय! ऐसा प्रतीत नहीं होता कि तुम्हें यहाँ किसी से युद्ध करना पड़ेगा, क्योंकि बुद्धिमान भीमसेन ने धृतराष्ट्र के पुत्रों को मृत्यु का ग्रास बना लिया है।
Dhananjaya! It does not appear that you will have to fight with anyone here, because the sons of Dhritarashtra have been made prey to death by the intelligent Bhimasena.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥