Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.69.27: हे पार्थ! तुमने पहले ही अज्ञानी बालक की तरह प्रतिज्ञा कर ली थी; अतः तुम मूर्खतापूर्वक अधर्म का कार्य करने को तैयार हो गए हो।   |   mahabharat अध्याय 8.69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  8.69.27 
त्वया चैवं व्रतं पार्थ बालेनेव कृतं पुरा।
तस्मादधर्मसंयुक्तं मौर्ख्यात् कर्म व्यवस्यसि॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे पार्थ! तुमने पहले ही अज्ञानी बालक की तरह प्रतिज्ञा कर ली थी; अतः तुम मूर्खतापूर्वक अधर्म का कार्य करने को तैयार हो गए हो।
 
O Partha! Like an ignorant child you had made a vow earlier; therefore you have foolishly agreed to commit an unrighteous deed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)