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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना
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श्लोक 13
श्लोक
8.69.13
सोऽहं युधिष्ठिरं हत्वा सत्यस्यानृण्यतां गत:।
विशोको विज्वरश्चापि भविष्यामि जनार्दन॥ १३॥
अनुवाद
जनार्दन! युधिष्ठिर को मारकर मैं उस सत्य वचन के भार से मुक्त हो जाऊँगा तथा शोक और चिंता से मुक्त हो जाऊँगा॥13॥
Janardan! By killing Yudhishthira, I will be free from the burden of that true promise and will be free from grief and worry.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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