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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 69: युधिष्ठिरका वध करनेके लिये उद्यत हुए अर्जुनको भगवान् श्रीकृष्णका बलाकव्याध और कौशिक मुनिकी कथा सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना
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श्लोक 12
श्लोक
8.69.12
प्रतिज्ञां पालयिष्यामि हत्वैनं नरसत्तमम्।
एतदर्थं मया खड्गो गृहीतो यदुनन्दन॥ १२॥
अनुवाद
यदुनन्दन! मैं इस श्रेष्ठ पुरुष को मारकर अपनी प्रतिज्ञा पूरी करूँगा; इसीलिए मैंने यह तलवार हाथ में ली है॥12॥
Yadunandan! I will fulfil my promise by killing this best of men; that is why I have taken this sword in my hand.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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