Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.68.9: धनंजय! जैसे बोया हुआ बीज बादलों से समय पर होने वाली वर्षा की प्रतीक्षा में जीवित रहता है, वैसे ही हम लोग तेरह वर्षों तक आपकी ही आशा रखते हुए रहे; परंतु आपने हम सबको नरक में डाल दिया (महासंकट में डाल दिया)।॥9॥ | mahabharat अध्याय 8.68: युधिष्ठिरका अर्जुनके प्रति अपमानजनक क्रोधपूर्ण वचन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्रयोदशेमा हि समा: सदा वयं
त्वामन्वजीविष्म धनंजयाशया।
काले वर्षं देवमिवोप्तबीजं
तन्न: सर्वान् नरके त्वं न्यमज्ज:॥ ९॥
अनुवाद
धनंजय! जैसे बोया हुआ बीज बादलों से समय पर होने वाली वर्षा की प्रतीक्षा में जीवित रहता है, वैसे ही हम लोग तेरह वर्षों तक आपकी ही आशा रखते हुए रहे; परंतु आपने हम सबको नरक में डाल दिया (महासंकट में डाल दिया)।॥9॥
Dhananjaya! Just as a sown seed survives waiting for the timely rain from the clouds, similarly we had lived for thirteen years with hope always in you; but you plunged us all into hell (put us in great trouble).॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥