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mahabharat 8.68.10: ‘मूढ़बुद्धि अर्जुन! तुम्हारे जन्म को अभी सात दिन ही बीते थे कि आकाशवाणी माता कुन्ती से इस प्रकार कहने लगी - ‘देवि! तुम्हारा यह पुत्र इन्द्र के समान पराक्रमी उत्पन्न हुआ है। यह अपने समस्त पराक्रमी शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेगा।’॥10॥   |   mahabharat अध्याय 8.68: युधिष्ठिरका अर्जुनके प्रति अपमानजनक क्रोधपूर्ण वचन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 68: युधिष्ठिरका अर्जुनके प्रति अपमानजनक क्रोधपूर्ण वचन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.68.10 
यत्तत् पृथां वागुवाचान्तरिक्षे
सप्ताहजाते त्वयि मन्दबुद्धे।
जात: पुत्रो वासवविक्रमोऽयं
सर्वान् शूरान् शात्रवान् जेष्यतीति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘मूढ़बुद्धि अर्जुन! तुम्हारे जन्म को अभी सात दिन ही बीते थे कि आकाशवाणी माता कुन्ती से इस प्रकार कहने लगी - ‘देवि! तुम्हारा यह पुत्र इन्द्र के समान पराक्रमी उत्पन्न हुआ है। यह अपने समस्त पराक्रमी शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेगा।’॥10॥
 
‘Dumb-witted Arjun! Only seven days had passed since your birth when a voice from the sky started speaking to mother Kunti like this – ‘Devi! This son of yours has been born as valiant as Indra. He will conquer all his valiant enemies.’॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)