Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.67.15-16h: अकल्पनीय राजा! जब तक सारथीपुत्र ने हमें नहीं देखा था, तब तक उसे कोई चिन्ता या खेद नहीं हुआ। जब मैंने सुना कि उसने सबसे पहले आप पर दृष्टि डाली थी, आपसे युद्ध किया था, तथा उससे भी पहले अश्वत्थामा ने आपको घायल कर दिया था, तब क्रूर कर्ण के सामने से आपका यहाँ आना मुझे उचित प्रतीत हुआ। | mahabharat अध्याय 8.67: अर्जुनका युधिष्ठिरसे अबतक कर्णको न मार सकनेका कारण बताते हुए उसे मारनेके लिये प्रतिज्ञा करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अकल्पनीय राजा! जब तक सारथीपुत्र ने हमें नहीं देखा था, तब तक उसे कोई चिन्ता या खेद नहीं हुआ। जब मैंने सुना कि उसने सबसे पहले आप पर दृष्टि डाली थी, आपसे युद्ध किया था, तथा उससे भी पहले अश्वत्थामा ने आपको घायल कर दिया था, तब क्रूर कर्ण के सामने से आपका यहाँ आना मुझे उचित प्रतीत हुआ।
Unthinkable king! Till the time the son of a charioteer had not seen us, he had no anxiety or regret. When I heard that he had first set his eyes on you and that he had fought with you, and that even before that Ashwatthama had wounded you, then your coming here from in front of the cruel Karna seemed to me to be timely.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥