Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.67.14: राजा! मृत्यु के मुख के समान विशाल कर्ण के पास पहुँचकर प्रभद्रकों को बड़ा कष्ट हुआ। कर्ण ने युद्धरूपी समुद्र में डूबे हुए उन सात सौ महारथियों को तुरन्त ही मृत्युलोक में भेज दिया था॥14॥ | mahabharat अध्याय 8.67: अर्जुनका युधिष्ठिरसे अबतक कर्णको न मार सकनेका कारण बताते हुए उसे मारनेके लिये प्रतिज्ञा करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! मृत्यु के मुख के समान विशाल कर्ण के पास पहुँचकर प्रभद्रकों को बड़ा कष्ट हुआ। कर्ण ने युद्धरूपी समुद्र में डूबे हुए उन सात सौ महारथियों को तुरन्त ही मृत्युलोक में भेज दिया था॥14॥
King! The Prabhadrakas were in great trouble when they reached Karna who was like the wide open mouth of death. Karna had instantly sent those seven hundred charioteers, who were drowned in the sea of war, to the world of death.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥