Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.67.13: उन पचास रथियों को मारकर और कर्ण को छोड़कर मैं बड़ी शीघ्रता से आपके दर्शन के लिए आया हूँ। जैसे सिंह को देखकर गौएँ भयभीत हो जाती हैं, वैसे ही कर्ण को देखकर समस्त पांचाल सैनिक व्याकुल हो जाते हैं॥13॥ | mahabharat अध्याय 8.67: अर्जुनका युधिष्ठिरसे अबतक कर्णको न मार सकनेका कारण बताते हुए उसे मारनेके लिये प्रतिज्ञा करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन पचास रथियों को मारकर और कर्ण को छोड़कर मैं बड़ी शीघ्रता से आपके दर्शन के लिए आया हूँ। जैसे सिंह को देखकर गौएँ भयभीत हो जाती हैं, वैसे ही कर्ण को देखकर समस्त पांचाल सैनिक व्याकुल हो जाते हैं॥13॥
Having killed those fifty charioteers, leaving behind Karna, I have come in great haste to see you. Just as cows become afraid on seeing a lion, similarly all the Panchala soldiers become agitated on seeing Karna.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥