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mahabharat 8.66.6: वह सदैव दुर्योधन के हित में लगा रहता था और हमें कष्ट देने के लिए सदैव तत्पर रहता था। महायुद्ध में इन्द्र सहित समस्त देवता भी उसे पराजित नहीं कर सके।   |   mahabharat अध्याय 8.66: युधिष्ठिरका अर्जुनसे भ्रमवश कर्णके मारे जानेका वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 66: युधिष्ठिरका अर्जुनसे भ्रमवश कर्णके मारे जानेका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  8.66.6 
दुर्योधनहिते युक्तमस्मद्दु:खाय चोद्यतम्।
अप्रधृष्यं महायुद्धे देवैरपि सवासवै:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वह सदैव दुर्योधन के हित में लगा रहता था और हमें कष्ट देने के लिए सदैव तत्पर रहता था। महायुद्ध में इन्द्र सहित समस्त देवता भी उसे पराजित नहीं कर सके।
 
He was always engaged in the welfare of Duryodhan and was always ready to cause us pain. In the great war, even all the gods including Indra could not defeat him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)