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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 66: युधिष्ठिरका अर्जुनसे भ्रमवश कर्णके मारे जानेका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  8.66.38 
योऽसौ कृष्णामब्रवीद् दुष्टबुद्धि:
कर्ण: सभायां कुरुवीरमध्ये।
किं पाण्डवांस्त्वं न जहासि कृष्णे
सुदुर्बलान् पतितान् हीनसत्त्वान्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
वह दुष्ट कर्ण जिसने कौरवों और योद्धाओं की सभा में द्रौपदी से कहा था, 'कृष्ण! आप इन अत्यन्त दुर्बल, पतित और शक्तिहीन पाण्डवों को क्यों नहीं छोड़ देते?'
 
The wicked Karna who had told Draupadi in the gathering of Kauravas and warriors, 'Krishna! Why don't you leave these very weak, fallen and powerless Pandavas?'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)