Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.66.25-26: वह महाबली राधापुत्र कर्ण, जो सम्पूर्ण युद्धकला में निपुण, विख्यात योद्धा, धनुर्धरों में श्रेष्ठ और शत्रुओं में प्रधान था, जिसे धृतराष्ट्र ने केवल आपका सामना करने के लिए अपने पुत्र सहित आदरपूर्वक रखा था, वह आपके द्वारा कैसे मारा गया?॥25-26॥ | mahabharat अध्याय 8.66: युधिष्ठिरका अर्जुनसे भ्रमवश कर्णके मारे जानेका वृत्तान्त पूछना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महारथ: समाख्यात: सर्वयुद्धविशारद:।
धनुर्धराणां प्रवर: सर्वेषामेकपूरुष:॥ २५॥
पूजितो धृतराष्ट्रेण सपुत्रेण महाबल:।
त्वदर्थमेव राधेय: स कथं निहतस्त्वया॥ २६॥
अनुवाद
वह महाबली राधापुत्र कर्ण, जो सम्पूर्ण युद्धकला में निपुण, विख्यात योद्धा, धनुर्धरों में श्रेष्ठ और शत्रुओं में प्रधान था, जिसे धृतराष्ट्र ने केवल आपका सामना करने के लिए अपने पुत्र सहित आदरपूर्वक रखा था, वह आपके द्वारा कैसे मारा गया?॥25-26॥
How was that mighty Karna, son of Radha, who was skilled in the entire art of war, a renowned warrior, the best among archers and the chief among all the enemies, who was kept with respect along with his son by Dhritarashtra only to face you, killed by you?॥25-26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥