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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 66: युधिष्ठिरका अर्जुनसे भ्रमवश कर्णके मारे जानेका वृत्तान्त पूछना
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श्लोक 12
श्लोक
8.66.12
एताञ्जित्वा महावीर्य: कर्ण: शत्रुगणान् बहून्।
जितवान् मां महाबाहो यतमानो महारणे॥ १२॥
अनुवाद
महाबाहो! महाबली कर्ण ने महायुद्ध में विजय प्राप्ति के लिए प्रयत्नशील होकर इन असंख्य शत्रुओं को परास्त करके मुझ पर विजय प्राप्त की।
Mahabaho! The mighty Karna, striving to achieve victory in the great war, defeated these numerous enemies and obtained victory over me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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