Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.66.10-11: सात्यकि, धृष्टद्युम्न, नकुल, सहदेव, वीर शिखण्डी, द्रौपदीपुत्र तथा पांचालों के सामने उसने मेरा ध्वज काट डाला, मेरे रक्षकों को मार डाला तथा मेरे घोड़ों को भी मार डाला। | mahabharat अध्याय 8.66: युधिष्ठिरका अर्जुनसे भ्रमवश कर्णके मारे जानेका वृत्तान्त पूछना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेन केतुश्च मे छिन्नो हतौ च पार्ष्णिसारथी।
हतवाहस्ततश्चास्मि युयुधानस्य पश्यत:॥ १०॥
धृष्टद्युम्नस्य यमयोर्वीरस्य च शिखण्डिन:।
पश्यतां द्रौपदेयानां पञ्चालानां च सर्वश:॥ ११॥
अनुवाद
सात्यकि, धृष्टद्युम्न, नकुल, सहदेव, वीर शिखण्डी, द्रौपदीपुत्र तथा पांचालों के सामने उसने मेरा ध्वज काट डाला, मेरे रक्षकों को मार डाला तथा मेरे घोड़ों को भी मार डाला।
In front of Satyaki, Dhrishtadyumna, Nakula, Sahadeva, brave Shikhandi, Draupadi's son and the Panchalas, he cut down my flag, killed my side guards and also slaughtered my horses.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥