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mahabharat 8.65.22: पराक्रमी श्रीकृष्ण और अर्जुन को एक साथ आते देख, उन्हें विश्वास हो गया कि गाण्डीवधारी अर्जुन ने युद्धभूमि में अधिरथ पुत्र कर्ण को मार डाला है।   |   mahabharat अध्याय 8.65: भीमसेनको युद्धका भार सौंपकर श्रीकृष्ण और अर्जुनका युधिष्ठिरके पास जाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 65: भीमसेनको युद्धका भार सौंपकर श्रीकृष्ण और अर्जुनका युधिष्ठिरके पास जाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  8.65.22 
महासत्त्वौ हि तौ दृष्ट्वा सहितौ केशवार्जुनौ।
हतमाधिरथिं मेने संख्ये गाण्डीवधन्वना॥ २२॥
 
 
अनुवाद
पराक्रमी श्रीकृष्ण और अर्जुन को एक साथ आते देख, उन्हें विश्वास हो गया कि गाण्डीवधारी अर्जुन ने युद्धभूमि में अधिरथ पुत्र कर्ण को मार डाला है।
 
Seeing the mighty Sri Krishna and Arjuna arriving together, he was convinced that Arjuna, wielding the Gandiva, had killed Adhiratha's son Karna on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)