Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.65.20: शत्रुओं को पीड़ा देने वाले धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर ने कर्ण को मारा गया मानकर प्रसन्नतापूर्वक हर्षपूर्वक वाणी से बातचीत आरम्भ की॥20॥ | mahabharat अध्याय 8.65: भीमसेनको युद्धका भार सौंपकर श्रीकृष्ण और अर्जुनका युधिष्ठिरके पास जाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं को पीड़ा देने वाले धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर ने कर्ण को मारा गया मानकर प्रसन्नतापूर्वक हर्षपूर्वक वाणी से बातचीत आरम्भ की॥20॥
Yudhishthira, the religious king who tormented the enemies, started the conversation happily with a joyful voice, assuming that Karna had been killed. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥