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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 65: भीमसेनको युद्धका भार सौंपकर श्रीकृष्ण और अर्जुनका युधिष्ठिरके पास जाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.65.10 
अथाब्रवीदर्जुनं भीमसेन:
स्ववीर्यमासाद्य कुरुप्रवीर।
संशप्तकान् प्रतियोत्स्यामि संख्ये
सर्वानहं याहि धनंजय त्वम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर भीमसेन ने अर्जुन से कहा, 'हे कुरुवंशी वीर धनंजय! मैं अपने बल पर निर्भर रहकर युद्धभूमि में समस्त संशप्तकों के साथ युद्ध करूँगा। तुम जाओ।'
 
On hearing this Bhimasena said to Arjuna, 'O brave Dhananjaya of the Kuru clan! Relying on my own strength I will fight with all the Samshaptakas in the battlefield. You go.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)