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mahabharat 8.64.48: महाराज! फिर उस महायुद्ध में उस अस्त्र से हजारों, लाखों, करोड़ों और अरबों तीखे बाण प्रकट होने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  8.64.48 
ततो राजन् सहस्राणि प्रयुतान्यर्बुदानि च।
कोटिशश्च शरास्तीक्ष्णा निरगच्छन् महामृधे॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
महाराज! फिर उस महायुद्ध में उस अस्त्र से हजारों, लाखों, करोड़ों और अरबों तीखे बाण प्रकट होने लगे।
 
King! Then in that great war, thousands, lakhs, crores and billions of sharp arrows began appearing from that weapon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)