Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.64.44-45h: हे नरसिंह! आज तुम मेरे बाहुओं और शस्त्रों का बल देख सकते हो। मैं युद्धभूमि में पाण्डवों सहित समस्त पांचालों का संहार करूँगा, इसमें संशय नहीं है। हे नरसिंह! तुम इन घोड़ों को कल्याण की भावना से ही आगे बढ़ाओ।' | mahabharat अध्याय 8.64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पश्य मे भुजयोर्वीर्यमस्त्राणां च जनेश्वर।
अद्य हन्मि रणे सर्वान् पञ्चालान् पाण्डुभि: सह॥ ४४॥
वाहयाश्वान् नरव्याघ्र भद्रेणैव न संशय:।
अनुवाद
हे नरसिंह! आज तुम मेरे बाहुओं और शस्त्रों का बल देख सकते हो। मैं युद्धभूमि में पाण्डवों सहित समस्त पांचालों का संहार करूँगा, इसमें संशय नहीं है। हे नरसिंह! तुम इन घोड़ों को कल्याण की भावना से ही आगे बढ़ाओ।'
‘Lord of men! Today you can see the power of my arms and weapons. I will kill all the Panchalas including the Pandavas on the battlefield, there is no doubt about it. O lion of men! You should move these horses forward only with the thought of welfare.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥