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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  8.64.43 
एतच्छ्रुत्वापि राधेयो दुर्योधनवचो महान्।
मद्रराजमिदं वाक्यमब्रवीत् प्रहसन्निव॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन के ये वचन सुनकर महाबली राधापुत्र कर्ण ने मुस्कुराते हुए मद्रराज शल्य से इस प्रकार कहा:
 
On hearing these words from Duryodhana, the great Radha's son Karna smilingly said to Madra king Shalya as follows:
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)