श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  8.64.40 
ततो दुर्योधन: कर्णमब्रवीत् प्रणयादिव।
पश्य कर्ण महासेना पञ्चालैरर्दिता भृशम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
उस समय दुर्योधन ने कर्ण से प्रेमपूर्वक कहा, 'कर्ण! देखो, पांचालों ने मेरी विशाल सेना को बड़ा कष्ट दिया है।
 
At that time Duryodhana said to Karna lovingly, 'Karna! Look, the Panchalas have caused great trouble to my large army.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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