Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.64.29-30: फिर उन्होंने स्वयं घोड़ों की लगाम अपने हाथ में ली और श्रीकृष्ण तथा अर्जुन को बाणों से आच्छादित कर दिया। वहाँ हमने द्रोणपुत्र का अद्भुत पराक्रम देखा, जो शीघ्र ही प्रकट होने वाला था, कि वह घोड़ों को भी वश में कर सकता था और अर्जुन से भी युद्ध कर सकता था। हे राजन! युद्धस्थल में उपस्थित सभी योद्धाओं ने उसके इस कार्य की बहुत प्रशंसा की। | mahabharat अध्याय 8.64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर उन्होंने स्वयं घोड़ों की लगाम अपने हाथ में ली और श्रीकृष्ण तथा अर्जुन को बाणों से आच्छादित कर दिया। वहाँ हमने द्रोणपुत्र का अद्भुत पराक्रम देखा, जो शीघ्र ही प्रकट होने वाला था, कि वह घोड़ों को भी वश में कर सकता था और अर्जुन से भी युद्ध कर सकता था। हे राजन! युद्धस्थल में उपस्थित सभी योद्धाओं ने उसके इस कार्य की बहुत प्रशंसा की।
Then he himself took the reins of the horses in his hands and covered Shri Krishna and Arjun with arrows. There we saw the amazing prowess of Drona's son that was soon to manifest, that he could control the horses and also fight with Arjun. O King! All the warriors in the battlefield praised his action very much.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥