Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.64.25: इस प्रकार इन्द्रास्त्र द्वारा छोड़े गए बाणों के जाल को तोड़कर अर्जुन ने निकट आकर क्षण भर में अश्वत्थामा के रथ को ढक लिया। उस समय अश्वत्थामा अर्जुन के बाणों से व्याकुल हो गया ॥25॥ | mahabharat अध्याय 8.64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार इन्द्रास्त्र द्वारा छोड़े गए बाणों के जाल को तोड़कर अर्जुन ने निकट आकर क्षण भर में अश्वत्थामा के रथ को ढक लिया। उस समय अश्वत्थामा अर्जुन के बाणों से व्याकुल हो गया ॥25॥
Thus, breaking the web of arrows released by Indrastra, Arjuna came close and covered Ashwatthama's chariot in a moment. At that time Ashwatthama was overwhelmed by Arjun's arrows. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥