Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.64.24: राजन! अश्वत्थामा द्वारा बनाए गए इन्द्रराज के जाल का विस्तार देखकर अर्जुन ने शीघ्रतापूर्वक गाण्डीव धनुष हाथ में लिया और महेन्द्र द्वारा बनाए गए उत्तम अस्त्र के द्वारा उस इन्द्रराज के जाल को नष्ट कर दिया॥24॥ | mahabharat अध्याय 8.64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! अश्वत्थामा द्वारा बनाए गए इन्द्रराज के जाल का विस्तार देखकर अर्जुन ने शीघ्रतापूर्वक गाण्डीव धनुष हाथ में लिया और महेन्द्र द्वारा बनाए गए उत्तम अस्त्र के द्वारा उस इन्द्रराज के जाल को नष्ट कर दिया॥24॥
Rajan! Seeing the expansion of Indraj's trap made by Ashwatthama, Arjun quickly took the Gandiva bow in his hand and with the help of the excellent weapon made by Mahendra, destroyed that Indraj's trap. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥